देवास जिले के ग्राम रेहटी में पेयजल में गंदे पानी की मिलावट से बढ़ता स्वास्थ्य संकट,भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने की त्वरित कार्यवाही की मांग
देवास (मध्यप्रदेश) देवास जिले की खातेगांव तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बुराडा के ग्राम रेहटी में पेयजल समस्या को लेकर एक गंभीर स्थिति सामने आई है। ग्रामीणों द्वारा भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के जिला अध्यक्ष श्री सतीश खण्डेलवाल, जिला संगठन मंत्री श्रीमती रीना खण्डेलवाल एवं जिला मंत्री श्री महेन्द्र गुर्जर को लिखित शिकायत पत्र सौंपकर समस्या से अवगत कराया गया।
शिकायत में ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नालियों का गंदा पानी पेयजल में मिल रहा है, जिसके कारण जल प्रदूषण बढ़ गया है और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार यह समस्या पिछले लगभग एक वर्ष से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। स्थिति दिन-प्रतिदिन और अधिक चिंताजनक होती जा रही है।
हाल ही में आयोजित विधिक सेवा साक्षरता शिविर में भी ग्रामीणों ने न्यायाधीश श्रीमती तनिष्का वैष्णव को इस समस्या से अवगत कराया। इसके अतिरिक्त ग्रामीणों ने कई बार पंचायत में जाकर सरपंच श्रीमती लड़कीबाई (पति गुरुप्रसाद गुर्जर) एवं संबंधित कर्मचारियों को भी सूचना दी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
अंततः ग्रामीणों ने भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट को शिकायत पत्र सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई और शीघ्र कार्यवाही की मांग की है।
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो यह एक बड़े स्वास्थ्य संकट का रूप ले सकता है। ग्रामीणों ने स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग करते हुए शीघ्र स्थायी समाधान की अपेक्षा जताई है।
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने कहा कि स्वच्छ पेयजल प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार है। ग्राम रेहटी की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और यह प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है। संबंधित विभागों को तत्काल संज्ञान लेकर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए, अन्यथा ट्रस्ट जनहित में आगे की कार्यवाही करने के लिए बाध्य होगा।
संगठन के शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, रामवेश सिंह राजावत, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता, जीवनलाल जैन (चाय वाले) ने संयुक्त रूप से कहा कि ग्राम रेहटी के नागरिकों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पेयजल में गंदे पानी का मिलना न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, बल्कि यह मानवाधिकारों का भी उल्लंघन है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि:
1. पेयजल स्रोत की तत्काल जांच कर शुद्धिकरण किया जाए
2. नालियों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
3. स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ की जाए
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